Tu Hi Meri Arzoo
Lyrics _Vinit कोई ऐसा अहल-ए-दिल होजिसे सिर्फ़ मेरी आरज़ू हो अगर खो जाऊँ मैं कहींतो सिर्फ़ मेरी जुस्तुजू होमैं उसके ज़ेहन-ओ-दिल मेंकुछ इस तरह समा जाऊँवो ज़ुबाँ जब भी खोलेसिर्फ़ मेरी गुफ़्तगू हो तू ही मेरी आरज़ू होतू ही मेरी जुस्तुजू होमैं जहाँ भी जाऊँ जानाँतू ही मेरे रूबरू होतू ही मेरी आरज़ू होतू ही